Education Loan Default: देश और दुनिया में एजुकेशन का खर्च बहुत बढ़ गया है इसी वजह से बहुत से लोग एजुकेशन लोन लेते है। यदि समय पर लोन का पैसा वापस जमा नहीं करवाने पर छात्र और गारंटर के कुछ दायित्व होते है जो इस लेख में बताएँगे।
भारत में दिन प्रतिदिन एजुकेशन का खर्चा बढ़ता जा रहा है। इस खर्चे को कवर करने के लिए कुछ लोग कई तरह के विकल्प का सहारा लेते है, ऐसे में एजुकेशन लोन लेना भी एक विकल्प है। यह लोन छात्रों को मिलता है जो उनकी पढ़ाई के दौरान काम आता है और पढ़ाई पूरी होने के बाद यह लोन चुकाना होता है। लेकिन कई बार ऐसी परिस्थितियां आ जाती है जिस वजह से छात्र समय पर लोन जमा नहीं करवा पाता है और उसका Education Loan Default हो जाता है।
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साथ ही छात्र लोन की जरूरत होती है उस समय लोन गारंटी देने वाले की जरूरत और समय पर Education Loan वापस करने वाले गारंटी की जरूरत होती है। यदि किसी वजह से छात्र लोन जमा नहीं करवा पाते है तो उस स्थिति में छात्र और गारंटर की क्या-क्या जिम्मेदारी होती है वो सब जानते है।
छात्र कैसे बचे Education Loan Default होने से?
यदि छात्र सही समय पर लोन जमा नहीं करवा पते है तो उनके खिलाफ क़ानूनी कार्यवाही होती है। यदि छात्रों या उधारकर्ताओं की एजुकेशन लोन की पूरी जानकारी होना जरूरी होता है। उन्हें लगता है कि समय पर लोन का भुगतान नहीं कर पा रहे है तो वह बैंक से निवेदन करके पुनर्भुगतान की शर्तो में बदलाव करवा सकते है साथ ही बैंक का लोन वापस चुकाने के लिए अधिक समय की मांग कर सकते है। इस तरह से छात्र Education Loan Default होने बच सकते है।
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Education Loan चुकाने में किसकी होती है ज्यादा जिम्मेदारी?
एजुकेशन लोन के भुगतान की पूरी जिम्मेदारी लोन लेने वाले छात्र की होती है। छात्र ने यदि कॉलेज बीच में छोड़ दिया हो या कॉलेज पूरी करने के बाद नौकरी नहीं मिली हो टी भी पहले और मुख्य जिम्मेदारी एजुकेशन लोन लेने वाले छात्र की होगी। हालाँकि छात्र को लोन भुगतान करने में समस्या आ रही है तो वह बैंक ने नौकरी नहीं मिलने तक की मोहलत मांग सकता है।
साथ ही बात करें गारंटर की, एजुकेशन लोन चुकाने की दूसरी जिम्मेदारी गारंटर की होती है लेकिन गारंटर की जिम्मेदारी तब होगी जब छात्र लोन का भुगतान नहीं कर पा रहा है और Education Loan Default होने की स्थिति में आ गया हो।
क्या परिणाम होंगे एजुकेशन लोन नहीं चुकाने पर?
- एजुकेशन लोन का भुगतान नहीं करने पर छात्र Education Loan Default की केटेगरी में आ जाते है।
- यदि छात्र के माध्यम से लोन का भुगतान सही समय पर नहीं किया जाता तो पहले बैंक नोटिस भेजकर पैसे के लिए निवेदन करता है।
- नोटिस दिए जाने के बाद भी भुगतान नहीं होता है साथ लोन लेने वालों ने बैंक से किसी तरह का कोई संपर्क नहीं किया तो उसके बाद बैंक लोन की वसूली के लिए संपत्ति की कुर्की की जा सकती है।
- ऋणदाता बैंक ऋण की वसूली करने के लिए कानूनी कार्यवाही भी कर सकते हैं।
- यदि छात्र या लोन लेने वाले जानबूझकर लोन का भुगतान नहीं कर रहे है तो उनके खिलाफ सख्त क़ानूनी कार्यवाही की जा सकती है।
- यदि लोन लेने वाले छात्र लोन डिफॉल्ट (Loan Default) केटेगरी में आ जाता है तो इसका प्रभाव लोने लेने वाले के साथ गारंटर के क्रेडिट स्कोर पर असर होता है। Loan Default होने के बाद भविष्य में होने वाली लोन की जरूरत पर कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
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निष्कर्ष
Education Loan से छात्र की आगे की पढ़ाई पूरी होती है और उसका अच्छा भविष्य बन सकता है। इस लोन को समय पर चुकाना जरुरी है क्योंकि भुगतान समय पर नहीं करने से भविष्य में किसी भी तरह के लोन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है साथ क़ानूनी आपके खिलाफ क़ानूनी कार्यवाही की जा सकती है और बैंक की तरफ से Education Loan Default में सकते है।


